कॉकरोच जनता पार्टी के धर्मेंद्र प्रधान के खिलाफ आंदोलन में जिस तरह की भीड़ दिखी थी, वैसी ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन में नजर नहीं आई. इसकी वजह मुद्दों का फर्क, आम लोगों से जुड़ाव की कमी, पुलिस की सख्ती और सोशल मीडिया की लोकप्रियता का सड़क पर भीड़ में न बदल पाना हो सकता है. यह प्रदर्शन CJP के साथ विपक्षी दलों के लिए भी सबक है कि केवल बड़े चेहरों और गंभीर आरोपों से कोई जनआंदोलन खड़ा नहीं होता.
Source: Aaj Tak
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