नवरात्र के दूसरे दिन मां ब्रह्मचारिणी की पूजा का विधान बताया गया है. मां ब्रह्मचारिणी का जन्म पर्वतराज हिमालय और देवी मैना के घर हुआ था. पर्वतराज की पुत्री होने के कारण उनका नाम पार्वती पड़ा. मान्यता है कि मां ब्रह्मचारिणी की पूजा से मनोवांछित फल की प्राप्ति की जा सकती है.
Source: Aaj Tak
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