44 साल पहले रिलीज हुई निकाह की मशहूर गजल 'चुपके चुपके रात दिन आंसू बहाना' आज भी गजल प्रेमियों के दिलों पर राज करता है. हसरत मोहानी की 17 शेरों वाली गजल को गुलाम अली की आवाज ने ऐसा जादू दिया कि यह भारतीय सिनेमा की सबसे यादगार गजलों में शामिल हो गई.
Source: NDTV Hindi
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