कभी-कभी एक नज़र ही दिल को छू जाती है। ऐसा ही कुछ महसूस हुआ जब मैंने इस प्यारी सी बिल्ली की तस्वीर ली। उसकी आँखों में जो मासूमियत है, वो किसी शब्द की मोहताज नहीं। उन गहरी, भोली आँखों में जैसे एक अनकही कहानी छुपी हो — प्यार की, भरोसे की, और निस्वार्थ भावनाओं की।
बिल्ली की आँखें सिर्फ उसकी सुंदरता का प्रतीक नहीं हैं, बल्कि वो हमें यह भी सिखाती हैं कि कैसे निःस्वार्थ भाव से किसी को देखा जाता है। इंसानों की दुनिया में जहां हर चीज़ का मतलब होता है, वहां ये मासूम आँखें बिना किसी अपेक्षा के देखती हैं — बस देखती हैं, और बहुत कुछ कह जाती हैं।
हम जब जीवन की भागदौड़ में उलझ जाते हैं, तब ऐसे शांत पलों की कीमत और भी बढ़ जाती है। एक नज़र जो ठहर जाए, एक पल जो दिल को छू जाए — यही तो असली खूबसूरती है।
मासूम आँखें सिर्फ एक तस्वीर नहीं, बल्कि एक एहसास हैं, जो हमें थोड़ी देर के लिए रुकने, मुस्कुराने और इस मासूमियत को महसूस करने का मौका देती हैं।